Ruby Arun

Monday, 29 December 2025

भारत बनाम तुर्की–तानाशाही रातों-रात नहीं आती, बल्कि वह रेंगते हुए आती है.




कैसे एक #तानाशाह अपने #Modus_Operandi से एक देश की #लोकतांत्रिक प्रणाली को #तानाशाही व्यवस्था में तब्दील कर देता है.यह समझने के लिए यह किताब एक बेहतरीन जरिया है. 

#Turkey की मशहूर लेखिका और पत्रकार #Ece_Temelkuran ने अपनी किताब "How to Lose a Country: The 7 Steps from #Democracy to #Dictatorship" और #Turkey: The Insane and the Melancholy" में राष्ट्रपति #Recep_Tayyip_Erdoğan की राजनीति और उनके शासन के तरीकों की तीखी आलोचना की है.

उन्होंने #एर्दोआन की राजनीति के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार लिखी हैं:

लोकतंत्र से तानाशाही का सफर 

#टेमल्कुरन ने अपनी किताब में बताया है कि कैसे एर्दोआन ने धीरे-धीरे लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही स्थापित की.उन्होंने इसके 7 मुख्य चरण बताए हैं:–

1:– 'आंदोलन' बनाना:–

खुद को जनता का मसीहा और पुरानी व्यवस्था का शिकार #Underdog बताना.

2:–भाषा का पतन:–

तर्कपूर्ण बहस के बजाय बचकानी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना.

3:– सच का अंत :–

तथ्यों को झुठलाना और अपनी सुविधानुसार नई 'सच्चाई' पेश करना.

संस्थाओं को कमजोर करना:–

न्यायपालिका, मीडिया और शिक्षा संस्थानों पर कब्जा करना या उन्हें डराना.

4:– "असली जनता" का कार्ड खेलना

लेखिका के अनुसार, एर्दोआन ने तुर्की को दो हिस्सों में बांट दिया—"असली जनता" जो उनके #समर्थक हैं और "गद्दार" जो उनके #विरोधी या शिक्षित वर्ग हैं. 

वह अक्सर खुद को आम जनता के साथ जोड़ते हैं और विरोधियों को 'एलीट' या पश्चिमी देशों का एजेंट बताकर उनकी आवाज दबाते हैं.

5:– भय और शर्म का खात्मा

टेमल्कुरन लिखती हैं कि एर्दोआन के शासन में समाज से 'नैतिक शर्म' खत्म हो गई है. जब नेता खुलेआम #झूठ बोलता है या #क्रूरता करता है और समर्थक उसका जश्न मनाते हैं.

तो वह समाज को अंदर से खोखला कर देता है.उन्होंने इसे "बेशर्मी की राजनीति" कहा है.

6:–विरोधियों का दमन

उनकी किताब "Turkey: The Insane and the Melancholy" में जिक्र है कि कैसे 2013 के 'गेजी पार्क' प्रदर्शनों के बाद एर्दोआन ने अधिक #आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने #मीडिया को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया, जिसके कारण एसे टेमल्कुरन सहित कई पत्रकारों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ीं और देश छोड़ना पड़ा.

7:–धार्मिक ध्रुवीकरण

उन्होंने बताया कि कैसे एर्दोआन ने #धर्म (इस्लाम) का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक शक्ति बढ़ाने और तुर्की के #Secular ढांचे को बदलने के लिए किया है.

आप इस किताब में हमारी स्थितियों की 100 फीसदी झलक पाएंगे.


@RTErdogan

@ETemelkuran 

Thursday, 25 December 2025

असल #आतंकवादी ये "गुंडे" हैं,जो देश में रहकर,देश #तोड़ रहे हैं.

 असल #आतंकवादी ये "गुंडे" हैं.

ये हैं #देश के असली #दुश्मन..

जो देश में रहकर,देश #तोड़ रहे हैं.


जो अपने ही देश के लोगों का जात–धर्म पूछ कर उनकी पिटाई कर रहे हैं. अपमानित और जलील कर रहे हैं.

क्या भारत में सिर्फ भारतीय नागरिक होना काफी नहीं है?

जिस 140 करोड़ जनता की संख्या का "डंका" विश्व में पीटा जाता है, उस 140 करोड़ में हिंदुओं के साथ भारतीय ईसाई मुसलमान,सिख नहीं आते क्या?


बताइए मोदी जी, 

बताइए ना अमित शाह जी

इन मवालियों को ये हक किसने दिया?

किसने इन्हें ठेकेदार बनाया ?

कौन इन्हें शह दे रहा है?

इतनी हिम्मत इनके अंदर कैसे आ जा रही है कि ये देश के नागरिकों को प्रताड़ित कर सकें?

क्यों नहीं इन्हें रोक जा रहा?

आखिर किसका फायदा हो रहा है ऐसी अराजक हरकतों से? 

इन आवारा शोहदों को सख्त सजा क्यों नहीं दी जा रही ताकि इनकी देखा देखी दूसरे लुच्चे लफंगे, ऐसे अपराध करने की सोच भी ना सकें.


ये #रायपुर का #मैग्नेटो_मॉल है.

जहां #बजरंग_दल के गुंडे लाठी और हॉकी स्टिक लिए दानवों की तरह उत्पात मचा रहे हैं.

घाना (Ghana) में भी भारत जैसा ही Mass Hysteria का दौर



 #Mass_Hysteria के ऐसे ही दौर से अपना देश भी गुजर रहा है जो अभी #Ghana में हो रहा है..😔

जब एक बड़ी #भीड़ किसी #मूर्ख तथाकथित धर्मगुरु या राजनेता की बेवकूफाना बातों पर विश्वास कर लेती है,तो डर संक्रामक हो जाता है. 

वैज्ञानिक रूप से "जुमले" कितने ही गलत क्यों न हों,लोग तर्क के बजाय भावनाओं में आकर जाहिलाना व्यवहार करने लगते हैं.

#घाना में एक तथाकथित #Prophet "Eboh Noah" ने दावा किया था कि आज 25 दिसंबर से दुनिया में 3 साल तक चलने वाली महाप्रलय वाली बाढ़ शुरू होगी. उसके हजारों हजार अनुयाई अपना घर बार सब छोड़कर जान बचाने के लिए Prophet Eboh Noah की नाव पर सवार होने के लिए भागे चले जा रहे हैं. 

Prophet Eboh Noah ने ऐलान किया था कि God ने उसे 8 बड़ी नावें बनाने का हुक्म दिया है जिसके जरिए वो लोगों को प्रलयकारी बाढ़ से बचा सकता है.

जबकि इस आपदा के बारे में किसी भी सरकारी एजेंसी, मौसम विभाग या वैज्ञानिक संस्था ने किसी भी तरह की #Global_Flood की चेतावनी जारी नहीं की है. पृथ्वी पर अचानक ऐसी किसी बाढ़ का कोई वैज्ञानिक आधार ही नहीं है.

अगर वास्तव में ऐसा कोई वैश्विक संकट होता,तो पूरी दुनिया की सरकारें अलर्ट जारी कर चुकी होतीं.

पिछले दिनों Ghana में एबोह नूह के ऐसे Misinformation और Sensation फैलाने वाले वीडियोज़ सोशल मीडिया पर इतने वायरल किए गए कि वहां के लोगों में #FOMO यानि Fear of Missing Out पैदा हो गया कि कहीं वे पीछे न छूट जाएं.

जिसका नतीजा इस भगदड़ के रूप में सामने आ



या है.


Friday, 19 December 2025

Bill Gates और Milinda Gates के तलाक की वजह Jeffry Epstein!

 




#BillGates के तलाक की एक बड़ी वजह #Jeffry_Epstein से उनके संबंधों का होना भी रहा.
बिल गेट्स की पत्नी  मेलिंडाको #एपस्टीन एक "घृणित" और #Evil_Personified व्यक्ति लगता था. बिल गेट्स का जेफ्री एपस्टीन से मिलना #Melinda_Gates की बिल्कुल पसंद नहीं था और उन्होंने यह बात बिल को साफ तौर पर बता दी थी.

मार्च 2022 में दिए गए एक इंटरव्यू #CBS_Mornings के एक इंटरव्यू में मेलिंडा ने बताया था कि वो एक बार #जेफ्री से मिली थी यह जानने के लिए कि वो कैसा आदमी है. लेकिन उससे मिलने के बाद मेलिंडा को कि उस डरावने सपने आए थे.
उस मीटिंग के बाद ही मेलिंडा ने तलाक के वकीलों से सलाह लेनी शुरू कर दी थी.यह वही समय था जब बिल गेट्स और एपस्टीन की मुलाकातों की खबरें सार्वजनिक हुई थीं.
ईमेल्स और रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि बिल गेट्स ने 2011 से 2014 के बीच एपस्टीन के साथ कई बैठकें की थीं, जिनमें #Dinner और एपस्टीन के #NewYork स्थित टाउनहाउस में रुकना भी शामिल था.
हालांकि बाद में बिल गेट्स ने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को एक "भारी भूल" और "निर्णय की बड़ी चूक" बताया बताया था.
#House_Oversight_Committee द्वारा #EpsteinFiles के खुलासे में #Americaके मौजूदा राष्ट्रपति #Donald_Trump पूर्व राष्ट्रपति #Bill_Clinton ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य #Prince_Andrew मशहूर भाषाविद् और विचारक #Noam_Chomsky न्यूयॉर्क टाइम्स के स्तंभकार #David_Brooks #Google के सह-संस्थापक #Sergey_Brin वर्जिन ग्रुप के संस्थापक #Richard_Branson,
फिल्म निर्देशक वुडी एलेन, पूर्व ट्रेजरी सचिव लैरी समर्स और स्टीव बैनन के आदि के नाम भी शामिल हैं.
ऐसे मशहूर लोगों के नाम की लंबी सूची है जो सार्वजनिक होने वाली है.

Thursday, 18 December 2025

#Epstein_Files के खुलासे से वैश्विक राजनीतिक भूचाल आएगा. भारत से अमेरिका तक होगा इसका असर !

 




कल वैश्विक राजनीतिक भूचाल आने वाला है. कल 19 दिसंबर है और #EpsteinFiles यानी कि सेक्स स्कैंडल फाइल्स के सनसनीखेज रहस्य दुनिया के सामने आने वाले हैं.

भारत से लेकर अमेरिका तक के उन ताकतवर लोगों की धड़कने बढ़ी हुई हैं, जो किसी न किसी तौर पर कभी भी दुनिया के सबसे बड़े "यौन तस्कर" #Jeffery_Epstein से मिले हैं.

भारत में भी इस सिलसिले में  राजनीतिक हलचलें पिछले दिनों तेज रही हैं.

खासकर #JeffreyEpstein के ई मेल में हुए #Modi_on_Board शब्द और एप्सटीन और डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व रणनीतिकार #Steve_Bannon के बीच हुए संवाद में "Modi" का जिक्र बार-बार आने पर हंगामा मचा हुआ है.
बैनन को भेजे एक मेल में एप्सटीन ने लिखा है— "I can set you should meet with Modi"

दो दिनों पहले ही #Congress नेता प्रियंका गांधी ने भारतीय संसद में इसी बाबत सवाल भी किए.

#महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बीते दिनों इसी महीने दावा किया कि इन फाइलों में तीन भारतीय सांसदों –दो वर्तमान और एक पूर्व–के नाम शामिल हो सकते हैं.

वरिष्ठ नेता #सुब्रमण्यम_स्वामी ने भी सोशल मीडिया पर कई बार ये दावा किया है कि #Jeffery_Epstein के #Rolodex यानी संपर्क सूची में कुछ भारतीय मंत्रियों और रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.

** हालांकि,यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नाम होने का मतलब अपराध में शामिल होना नहीं है. **

#Jeffrey_Epstein फाइल्स का भारत से संबंध हाल ही में हुए कुछ खुलासों और राजनीतिक बयानों के कारण चर्चा में आया है.
#US_Congress की एक समिति द्वारा जारी दस्तावेजों और ईमेल के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण कड़ियाँ सामने आई हैं.
प्रमुख भारतीय नाम और संदर्भ
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी द्वारा जारी ईमेल और कैलेंडर रिकॉर्ड्स में कुछ भारतीय हस्तियों का उल्लेख मिला है.

कई भारतीय नाम केवल मीटिंग्स या संपर्कों के संदर्भ में हैं. जैसे कि
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी : –
दस्तावेजों में 2014 के आसपास न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा #UNGA के दौरान एप्सटीन द्वारा उन्हें अपने घर कार्यक्रम या डिनर के आमंत्रित किए जाने का जिक्र है.
#BJP ने इसे "बेबुनियाद दावे" और विपक्ष द्वारा #name_dropping की कोशिश करार दिया है.

अनिल अंबानी:–
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एप्सटीन के ईमेल संपर्कों में अनिल अंबानी का नाम भी शामिल था.
#Epstein ने #ADAG के चेयरमैन अनिल अंबानी के साथ बैठकें करने या निवेश के अवसरों पर चर्चा करने में रुचि दिखाई थी.

सचिन तेंदुलकर:– हालिया सोशल मीडिया चर्चाओं और कुछ वीडियो रिपोर्ट्स में इनका नाम भी एक 'क्लाइंट लिस्ट' के संदर्भ में लिया गया है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल इसे आधारहीन कयास भर ही माना जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:–
कुछ लीक्ड मैसेजेस से संकेत मिलता है कि जब 2019 में मोदी दोबारा जीत कर आए तब #Epstein ने डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व रणनीतिकार #Steve_Bannon और पीएम #Modi के बीच एक बैठक कराने की कोशिश की थी.
रिपोर्टों के अनुसार, एप्सटीन भारत-इजरायल संबंधों के जरिए अपने #Geopolitical_contacts बनाना चाहता था और #Chinaके खिलाफ अमेरिका, भारत और इजरायल को एक करके #Global_Fixer बनना चाहता था.

23 मई 2019 के एक ईमेल में #Steve_Bannon ने लिखा था कि वह मोदी पर एक विशेष शो कर रहे हैं. एप्सटीन इस बातचीत में "मध्यस्थ" की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था ताकि वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ा सके.

फाइलों के अनुसार, एप्सटीन 2014 से 2019 के बीच भारत के प्रभावशाली नेताओं और उद्योगपतियों के साथ 'बैक-चैनल'  संबंध बनाने की योजना पर काम कर रहा था. वह भारत-अमेरिका संबंधों के जरिए अपनी आपराधिक छवि को एक "वैश्विक सलाहकार" के रूप में सुधारना चाहता था.

#America के #Department_of_Justice ने 19 दिसंबर, 2025 तक इससे संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है.

अभी हाल ही में अमेरिकी #Congress की एक समिति ने एप्सटीन की संपत्ति से जुड़ी लगभग 95,000 तस्वीरें और हजारों पन्ने जारी किए हैं, जिनमें कई बड़े राजनेताओं और मशहूर हस्तियों की तस्वीरें शामिल हैं.

इन फाइल्स के पन्नों में एप्सटीन के फ्लाइट लॉग्स हैं. उसके निजी जेट पर यात्रा करने वाले हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम हैं.
प्रभावशाली हस्तियों के साथ एप्सटीन की बातचीत के ईमेल और रिकॉर्डिंग्स हैं.
इनमें 2019 में जेल में हुई उसकी मौत और #sex_trafficking से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट्स हैं.

Saturday, 6 December 2025

इंडिगो एयरलाइंस ने भारत की हवाई सेवा पर दाग लगा दिया

 #IndigoAirlines के मौजूदा भीषण परिचालन संकट पर हवाई यात्रियों की घोर पीड़ादायक–यातनादायक परेशानी पर कंपनी के मुख्य प्रमोटर और Group Managing Director राहुल भाटिया ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है और ना ही कोई व्यक्तिगत माफी 

मांगी है.जबकि यह उनका नैतिक, सामाजिक और व्यावसायिक दायित्व बनता है. रोज हजारों हजार हवाई यात्रियों की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी का मालिक इतना असंवेदनशीलता,अति लापरवाह,गैर जिम्मेदार और गैर पेशेवराना कैसे हो सकता है.

जबकि इनकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि बेहद खराब हुई है. भारत की हवाई सेवा पर भरोसा खत्म हुआ है.

हालांकि इंडिगो के CEO Pieter Elbers ने खेद जताया है, माफी मांगी है. पर यह जिम्मेदारी #RahulBhatia की ज्यादा बनती है.

जैसे किसी एक व्यक्ति के पास सारे अधिकार आ जाते हैं तो वो तानाशाह हो जाता है और जनता बेबस लाचार हो जाती है.

वैसे ही जब किसी एक कंपनी की #Monopoly किसी भी क्षेत्र में हो जाती है तो #Indigo के मौजूदा हालत सी ही विपदा आती है.

सन 2014 के पहले देश में कई घरेलू विमानन कंपनियां थीं. सबके पास अपनी अपनी हिस्सेदारी थी. 

लेकिन आज सिर्फ दो विमानन कंपनीज हैं जो पूरे देश में उड़ानें संचालित कर रही हैं. 

#इंडिगो और #AirIndia_Group 

#AkasaAirlines और #SpiceJet भी हैं पर इनका दायरा बहुत ही छोटा है.


अकेली इंडिगो एयरलाइंस के ही पास 60 से 65 फीसदी की हिस्सेदारी है.

एयर इंडिया समूह यानी Air India, Vistara, Air India Express ke paas लगभग 25% से 27%,

आकासा एयर के पास लगभग 5% से 6% और स्पाइसजेट के पास लगभग 2% से 3% हैं.


2014 के पहले ये हिस्सेदारियां विभिन्न विमानन कंपनियों के पास थीं.

इंडिगो 31.8%

जेट एयरवेज और जेटलाइट  21.7%

एयर इंडिया 18.4%

स्पाइसजेट 17.4%

गोएयर 9.2%

एयर कोस्टा  0.9%

एयरएशिया इंडिया 0.5%



तो जब घरेलू उड़ानों में ज्यादा विमानन कंपनियों की सहभागिता थी तब यात्रियों के पास विकल्प ज्यादा था. सहूलियतें भी थीं. ना तो घंटों घंटों एयरपोर्ट पर बंधक बने रहने की स्थिति थी और ना ही मेहनत के पैसे डूब जाने या टिकट की बेतहाशा रकम के जरिए लूटे जाने की ही गुंजाइश थी.

Wednesday, 3 December 2025

मोदी के मीडिया सलाहकार हिरेन जोशी पर सट्टा खेलने के आरोप

 कांग्रेस नेता #PawanKheda ने प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य मीडिया सलाहकार #Hiren_Joshi पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

असल खबर ये है कि दो दिनों पहले ही हिरेन जोशी को #PMO से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. 

पीएमओ के आंतरिक ज्ञापन में दो दिनों पहले ही हीरेन जोशी के सारे काम अश्विनी वैष्णव और नीरव नाम के पीएमओ अधिकारी को सौंप दिए गए थे. 

पवन खेड़ा जिस बेटिंग ऐप के बारे में ज़िक्र कर रहे हैं, उस ऐप का मालिक

रवि तिहारवाला है जो दुबई में रहता है.

एक कथित आरोप यह भी है कि इन्होंने सतनाम सिंह संधू से राज्यसभा सीट के लिए 30 करोड़ रुपये लिए हैं. इनके बेटे ने रिलायंस इंडस्ट्रीज से सालाना 3 करोड़ रुपये कमाए हैं.

एक महिला हैं हिमानी सूद. जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रो वाइस चांसलर भी हैं और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की भी करीबी हैं. फिर ये हिरेन जोशी की खास बनीं. हिरेन ने इनके लिए एक #India_Minorities_Fedration बनाया. इस फेडरेशन में सभी इस्लामिक देशों के राजदूतों को जोड़ा गया. कुछ पावरफुल क्रिश्चियन सिख, बौद्धिस्ट,पारसी,मुस्लिम धर्म गुरुओं को इसका सदस्य बनाया गया. हिमानी सूद ने उनका प्रतिनिधित्व किया और 5 फरवरी 2024 को इन सभी को मोदी जी से मिलवाने ले गईं.

इसके बाद हिमानी सूद को वेटिकन सिटी के पोप Lui XIV से भी मिलवाया गया.

जहां हिमानी मोदी जी की तस्वीर के कर गई थीं ताकि तस्वीर के जरिए पोप मोदी जी को 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत का आशीर्वाद दे सकें.

प्रधानमंत्री की कई विदेश यात्राओं में हिमानी सूद को ले जाया गया. बहुत बड़े बड़े लोगों से मिलवाया गया.

25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री की 75 वीं सालगिरह पर हिमानी सूद ने मोदी जी की लीडरशिप के नाम "मैं हूं भारत" नाम से एक अभियान की घोषणा भी की है.


एक इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ जिसमें भारत में स्थित सभी इस्लामिक देशों के राजदूतों ने शिरकत की और उसे होस्ट भारत के विदेश मंत्रालय और हिमानी सूद ने किया.

हिमानी सूद को हिमाचल प्रदेश से ना सिर्फ टिकट दिलाने बल्कि मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने के लिए जोशी जी, JP Nadda से मिलने के गए और बात यहीं से बिगड़ गई. 

JP Nadda ने जोशी की कारस्तानी अमित शाह को बता दी. शाह जी ने मोदी जी से बात की और फिर जोशी जी प्रधानमंत्री कार्यालय से बाहर हो गए.


हिरेन जोशी वही हैं जो पिछले 11 सालों से देश की मीडिया के तानाशाह रहे हैं. न्यूज चैनलों का बड़े से बड़ा संपादक, मालिक और न्यूज ऐंकर इनके सामने नतमस्तक रहे हैं. 

हर चैनल पर इनके ही निर्देश के मुताबिक शब्दशः गोदी खबरें चलती रही हैं.

प्रधानमंत्री मोदी की आँख और कान माने जाने वाले जोशी 2008 से मोदी के साथ का









म करते रहे हैं .