अपने देश के चोरों और उनकी चोरी का "स्पेस टेक्नोलॉजी" लेवल देखिए!
3000 किलो का 500 साल पुराना बेशकीमती तोप ही चोरी हो गया
वो भी एक ऊंचे पहाड़ी किले से..
यह घटना मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले में 15-16 जुलाई 2026 की दरमियानी रात को हुई.
चोरी हुई तोप सिंधिया राजवंश/मुगल काल की है और यह अष्टधातु या विशेष मिश्र धातुओं से बनी हुई है, जिस पर एक राजवंश का ऐतिहासिक राजचिह्न और फारसी/देवनागरी लिपि में शिलालेख अंकित हैं.
यह वाकई में बेहद हैरान करने वाली और अचरज की बात है. इतने भारी-भरकम तोप को,ऊंचे पहाड़ी से गायब कर देना अविश्वसनीय लगता है.
इतने बड़े तोप को उठाने के लिए निश्चित रूप से बड़ी क्रेन, चेन-पुली और बड़े ट्रक या क्रेन-ट्रैक्टर की जरूरत पड़ी होगी. चोरों ने इसके लिए पूरी रेकी की होगी.
यक़ीनन इस चोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्कर गिरोह होगा,
फिर भी पुरातत्व विभाग और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी?
बिना स्थानीय "बहुत बड़े" लोगों के सहयोग के ये मुमकिन तो हुआ नहीं होगा?
अंतरराष्ट्रीय एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपयों से ज्यादा बताई जा रही है.
पर हक़ीकत में ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें "अमूल्य" होती हैं क्योंकि इनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को पैसों में नहीं आंका जा सकता.
पहले भी मध्य प्रदेश से चोरी हुई कई दुर्लभ ऐतिहासिक मूर्तियां और एंटीक चीजें अंतरराष्ट्रीय तस्करों के जरिए अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के बड़े शहरों के सीक्रेट गैलरी और प्राइवेट कलेक्टर्स तक करोड़ों रुपये में बेची जा चुकी हैं.
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