Ruby Arun

Monday, 9 March 2026

भारत को श्रीलंका से सीखने की जरूरत है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'संप्रभुता' 'मानवीय मूल्यों' और नैतिक स्पष्टता दिखाने के बीच का संतुलन क्या होता है.




 56" का सीना और लाल आँखें तो #SriLanka की सरकार ने दिखाया है #America को..

दरअसल #EpsteinFiles में वहां के नेताओं के कुकर्म जो शामिल नहीं हैं.


श्रीलंका के Public Security and Parliamentary Affairs मंत्री #Ananda_Wijepala ने घोषणा की है कि #IRAN के नाविकों को #श्रीलंका सरकार एक महीने का फ़्री वीज़ा देगी. 

यह सुविधा मुख्य रूप से उन 32 जीवित बचे चालक दल के सदस्यों के लिए है जिनका जहाज़ #IRIS_Dena पिछले बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में डूब गया था.

इसके अलावा #IRIS_Bushehr जहाज़ पर सवार लगभग 200 अन्य ईरानी कर्मियों को भी मानवीय सुरक्षा के तहत श्रीलंका में रहने की अनुमति दी जाएगी.


बचाए गए नाविकों में से कुछ का इलाज वर्तमान में #Galle के करापिटिया अस्पताल में चल रहा है. 

श्रीलंकाई सरकार उन्हें आवास और सुरक्षा भी प्रदान कर रही है.

विदेश मंत्री #VijithaHerath ने भी इस बात की पुष्टि की है कि श्रीलंका अपनी तटस्थता बनाए रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय संधियों के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा कर रहा है.


हमारा 147 करोड़ भारतीयों का देश है और श्रीलंका की आबादी महज 2 करोड़ 33 लाख है.…

सोचिए मानवीय मूल्यों के लिहाज से ज्यादा ताकतवर और फैसले लेने के लिए स्वतंत्र कौन है?

जहाँ एक छोटा देश अपने भौगोलिक और कूटनीतिक हितों को ध्यान में रखकर स्वतंत्र निर्णय ले रहा है और यहां हम क्या कर रहे हैं?

श्रीलंका से सीखने की जरूरत है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'संप्रभुता' 'मानवीय मूल्यों' और नैतिक स्पष्टता दिखाने के बीच का संतुलन क्या होता है.


@HMVijithaHerath

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