Ruby Arun

Saturday, 21 February 2026

जब डॉ मनमोहन सिंह थे तो भारत, अमेरिका को लूटता था. जब नरेंद्र मोदी हैं तो अमेरिका, भारत को लूट रहा है."


 "जब डॉ मनमोहन सिंह थे तो #भारत, अमेरिका को लूटता था. जब नरेंद्र मोदी हैं तो #अमेरिका, भारत को लूट रहा है."


ये जो #Trump कह रहे हैं न कि #भारत हमें "लूट" रहा था. ये स्वर्गीय प्रधानमंत्री #मनमोहन_सिंह की बात कर रहा है. जब भारत, डॉ मनमोहन सिंह के 2004 से 2014 के कार्यकाल में #America को 3 फीसदी से भी कम यानि महज 2.93% ही #Tarrif देता था. 

वो #टैरिफ आज मोदी जी की मेहरबानी से 18% और स्टील और एल्युमीनियम में 15% से 25% या उससे भी अधिक हो गए हैं…

डॉ मनमोहन सिंह द्वारा किए गए रणनीतिक सुधारों,बेहतर कूटनीतिक संबंधों और वैश्विक व्यापार नियमों के तहत ये #मुमकिन हुआ था.

और सबसे मजे की बात ये कि मनमोहन सिंह सरकार और अमेरिका के बीच कोई ऐसा औपचारिक व्यापार समझौता #FTA नहीं हुआ था जिसमें मोदी सरकार की तरह #टैरिफ की कोई "लिखित" शर्त हो.

यह 2.93% का आंकड़ा अमेरिका द्वारा 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' #MFN के तहत दी जाने वाली सामान्य दरों का परिणाम था.

भारत में #UPA वन और UPA टू मनमोहन सिंह की सरकार में विशेषकर 2008 की ऐतिहासिक भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर डील के बाद भारत अमेरिका के #GSP यानी Generalized System of Preferences कार्यक्रम का भी लाभार्थी था,जिससे कई भारतीय उत्पादों पर शून्य या बहुत कम ड्यूटी लगती थी.



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