Drug के प्रभाव में युवाओं और बेटियों की ऐसी स्थिति देखना अत्यंत पीड़ादायक है.
बठिंडा की दाना मंडी से ये एक तस्वीर आई है. ऐसी सैकड़ों बेटियां और हजारों बेटे हैं Punjab में जो नशे की लत में जिंदा लाश बन चुके हैं.
ये युवती फरीदकोट जिले के जैतो क्षेत्र की रहने वाली है. बठिंडा की दानामंडी से ये वीडियो सामने आने के बाद बठिंडा पुलिस ने युवती को वहां से रेस्क्यू किया और उसे इलाज के लिए बठिंडा के Civil Hospital De-addiction Centre में भर्ती कराया.
पंजाब की AAP सरकार ने नशा मुक्ति अभियान के तहत 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' की शुरुआत की थी. लेकिन घोषणा "कागजी" ही रह गई.
अब चुनाव आने वाले हैं तो गृह मंत्री अमित शाह पंजाब जाकर ताल ठोक रहे हैं कि BJP की सरकार बनेगी तो पंजाब को नशा मुक्त कर दिया जाएगा.
केंद्र में तो है ना सरकार आपकी पिछले 12± सालों से. क्या केंद्र सरकार पर ,राज्यों की जिम्मेदारी नहीं होती?
और जिन राज्यों में आपके मुख्यमंत्री हैं, वहां आपने क्या किया?
MANIPUR तो ड्रग आर्म्स कार्टेलस की लड़ाई में ही सालों से जल रहा है. सरकार तो वहां लगातार आपकी ही है ना?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों जैसे UNODC की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार सालाना ₹1 लाख करोड़ से ₹1.5 लाख करोड़ यानी 10-15 अरब डॉलर से अधिक का अनुमानित बाजार बना चुका है.
–पिछले 10 से 12 वर्षों में जब्त हुई ड्रग्स की कीमत ₹70,000 करोड़ से ₹75,000 करोड़ है.यह Narcotics Control Bureau के आधिकारिक आंकड़ा है.
25 से 30 लाख किलोग्राम से अधिक विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ –हेरोइन, गांजा, अफीम, सिंथेटिक ड्रग्स आदि जब्त किए गए हैं.
–सामाजिक न्याय मंत्रालय के सर्वेक्षण 'Magnitude of Substance Use in India' के अनुसार, देश में 3 करोड़ से अधिक लोग नशे विशेषकर अल्कोहल के अलावा कैनबिस, ओपियोइड्स और सिंथेटिक ड्रग्स के गंभीर प्रभाव या लत में हैं.
–पंजाब,हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर,राजस्थान, उत्तर प्रदेश,
मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और असम,
महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा—कोकीन, एमडीएमए,अफीम,गांजा,यबा सिंथेटिक व हाई-एंड ड्रग्स की गिरफ्त में हैं.
सितंबर 2021 में DRI ने मुंद्रा पोर्ट पर दो कंटेनरों से लगभग 3,000 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹21,000 करोड़ बताई गई थी.
यह खेप अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते भारत लाई गई थी और इसे "टैलकम पाउडर" के नाम से आयात किया गया था.
मुद्रा पोर्ट पर आकर्षण गाहे बगाहे ड्रग्स की बड़ी खेपों पकड़ी जाती हैं.
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय बंदरगाहों पर पिछले वर्षों में हुई प्रमुख ड्रग जब्तियों में मूल्य और मात्रा के हिसाब से मुंद्रा पोर्ट देश के सबसे बड़े जब्ती केंद्रों में से एक रहा है.
पिछले एक दशक में देश भर में नशे के कारोबार को खूब फलने फूलने दिया गया.
अब जबकि चुनाव सामने है तो फिर वही पुराने "वादे" दोहराए जा रहे हैं.
क्या ही अच्छा होता कि दूसरे राज्यों में जहां बीजेपी की सरकार है वहां से ड्रग कार्टेल का सफाया कर दिया गया होता और फिट तब PUNJAB में ये घोषणा की जाती की देखो हमने फलां जगह पर कितना कारगर काम किया है और अब तुम्हारे राज्य में भी वही मिसाल पेश करेंगे....
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