Ruby Arun

Monday, 13 July 2026

अब महायुद्ध के मुहाने पर मिडिल ईस्ट. यमन-सऊदी 4 साल का सीज़फायर खाक!

 🚨अब महायुद्ध के मुहाने पर मिडिल ईस्ट.

यमन-सऊदी 4 साल का सीज़फायर खाक!


तैयार रहिए, क्योंकि आने वाले दिन पूरी दुनिया की #GeoPolitics को बदलने वाले हैं.

मिडिल ईस्ट का बारूद एक बार फिर सुलग उठा है. यमन और सऊदी अरब के बीच 2022 से चली आ रहा #De_Escalation_Phase 13 जुलाई 2026 को पूरी तरह जमींदोज हो गया.

एक तरफ #Sanaa_Airport 

 का रनवे धमाकों से दहल उठा, तो दूसरी तरफ सऊदी अरब का #AbhaAirport 

बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों के निशाने पर आ गया.

जब लगा कि मिडिल ईस्ट का बारूद थोड़ा शांत है, तभी एक चिंगारी ने पूरे खेल को पलट दिया. 4 साल से चला आ रहा सऊदी-हुथी सीज़फायर अब इतिहास बन चुका है, और इसकी वजह बना है सना एयरपोर्ट के रनवे पर सऊदी अरब द्वारा किया गया हमला!

–ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के जनाजे से लौट रहे हुथी डेलिगेशन के ईरानी विमान को रोकने के लिए सऊदी समर्थित ताकतों ने सना एयरपोर्ट का रनवे ही उड़ा दिया.

आरोप लगा- 'हथियारों की तस्करी'.

–भड़के हुथियो ने इसे सीधे सऊदी की जंग का एलान माना और शांति समझौते को कूड़ेदान में फेंक दिया.

नतीजा? कुछ ही घंटों में सऊदी अरब के अभा एयरपोर्ट और मिलिट्री बेस पर हुथियो ने बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी.


–2022 के बाद से जो एक अनौपचारिक शांति बनी हुई थी, जिसके तहत सऊदी अरब को हुथी हमलों से राहत मिली हुई थी, वह अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुकी है. हुथियों ने साफ कर दिया है कि सऊदी अरब अब खुद को सुरक्षित न समझे.

सऊदी का यह कदम सेल्फ-डिफेंस था या विनाशकारी रणनीतिक भूल, अब खुद सऊदी अरब ही नहीं समझ पा रहा है.


–अगर यह जंग आगे बढ़ी, तो लाल सागर से लेकर क्रूड ऑयल की कीमतों तक, जो तबाही मचेगी उसकी कीमत क्या सिर्फ मिडिल ईस्ट चुकाएगा या पूरी दुनिया?

क्योंकि यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है, यह उस प्रॉक्सी वॉर का अगला और सबसे खतरनाक चैप्टर है जो ईरान और अमेरिका-सऊदी ब्लॉक के बीच चल रहा है.

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