यह एक बेहद मशहूर और ऐतिहासिक Marine Biology Discovery से जुड़ी खबर है.
एक शार्क, जिसका नाम निकोल रखा गया था, वह 99 दिनों के भीतर 11,100 किलोमीटर तैरकर दक्षिण अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया के तट पर पहुँच गई थी.
इतिहास में पहली बार Great White Shark के इतने लंबे और तेज़ Transoceanic सफर का ट्रैक रिकॉर्ड दर्ज किया गया था.
यह घटना साल 11 दिसंबर 2003 से 28 फरवरी 2004 की है.
7 नवंबर 2003 को वैज्ञानिकों जैसे Dr. Ramón Bonfil ने दक्षिण अफ्रीका के पास निकोल की पीठ पर एक इलेक्ट्रॉनिक 'पॉप-अप' सैटेलाइट टैग लगाया था.
चौंकाने वाली बात यह थी कि ऑस्ट्रेलिया में टैग अलग होने के कुछ महीनों बाद अगस्त 2004 में, वैज्ञानिकों ने उसकी फिन के निशानों से उसे वापस दक्षिण अफ्रीका के तट पर पहचाना.
निकोल ने कुल मिलाकर 9 महीने से कम समय में 20,000+ किलोमीटर की यात्रा पूरी की—जो कि किसी भी समुद्री जीव द्वारा दर्ज की गई सबसे तेज़ Return Migration का वर्ल्ड रिकॉर्ड है.
यात्रा के दौरान निकोल अधिकांश समय समुद्र की सतह के पास तैर रही थी, जिससे वैज्ञानिकों का मानना है कि उसने दिशा तय करने के लिए Celestial Navigation यानी तारों या चांद का सहारा लिया होगा.
इस खोज ने साबित किया कि अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की शार्क आबादी आपस में जुड़ी हुई है और शार्क खुले महासागरों में बहुत दूर तक सफर कर सकती हैं.
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