Ruby Arun

Sunday, 22 February 2026

Mexico on Edge, CJNG Leader El_Mencho Killed; Cartel Retaliates with Nationwide Chaos.





The Mexican Army has killed El Mencho, the billionaire leader of the CJNG cartel. He was once a police officer, then the world’s most wanted kingpin with an 83 crore ($15M) bounty on his head. Moments after the news broke, Jalisco and surrounding states turned into a war zone. Cartel members have set fire to banks, petrol pumps, and government buildings. The sky is black with smoke.

Terrifying footage shows passengers running for cover at Guadalajara airport terminals. Major international airlines have suspended flights as the cartel targets key infrastructure. 

Authorities have declared a 'Code Red.' All schools are CLOSED for Monday, Feb 23. Highways are blocked by burning vehicles. If you are in the region: Stay indoors. Do not travel.

El Mencho didn't just run a gang; he ran a private army. From shooting down military helicopters with RPGs to using weaponized drones, he ruled with a level of brutality rarely seen in modern history.

This is the biggest test yet for President Claudia Sheinbaum. As the cartel fights back, the world watches to see if Mexico can finally reclaim its streets from the cartels...

दुनिया के सबसे खूंखार ड्रग कार्टेल लीडर "एल मैचों" के मारे जाने के बाद मैक्सिको में उसके गुर्गों ने कोहराम मचा दिया

 दुनिया के सबसे अमीर,ताकतवर और खूंखार और 83 करोड़ रुपए के इनामी मेक्सिको के #Drug कार्टेल #CJNG के लीडर #El_Mencho को #Maxico की सेना ने मार गिराया है. जिसके बाद उसके कार्टेल ने मेक्सिको के जलिस्को सहित कई राज्यों में भयंकर आगजनी और हिंसा का तांडव शुरू कर दिया है.गोलियां चल रही हैं.सरकारी इमारतों,दुकानों,पेट्रोल पंपों, सरकारी बैंकों,एयरपोर्ट के पास आग लगा दी गई है. पूरा शहर धुवां धुवां हो चुका है. 'कोड रेड' और लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं.शहरों में बस और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह रोक दी गई हैं.कार्टेल ने बसों, ट्रकों और कारों को जलाकर मुख्य राजमार्गों को ब्लॉक कर दिया है.

सोमवार 23 फरवरी के लिए सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है.लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें.

हवाई अड्डों पर भी भारी अराजकता फैल गई है जिसके चलते कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. लोग अपनी जान बचाने के लिए टर्मिनल के अंदर भागते हुए दिख रहे हैं.

यह घटना मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती मानी जा रही है.

नेमेसियो ओसेगुएरा सरवेंटेस उर्फ "एल मेंचो" ने अपने कार्टेल को एक सेना की तरह तैयार किया था,जिसके पास खुद की मिसाइलें, बख्तरबंद गाड़ियाँ और ड्रोन हैं.

वह अपने दुश्मनों को बेहद बर्बर तरीके से सजा देने और उन हत्याओं के वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के लिए कुख्यात था.

एल मेंचो की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2015 में उसके गुर्गों ने एक सैन्य हेलीकॉप्टर को रॉकेट लॉन्चर से मार गिराया था. वह खुद को एक "योद्धा" की तरह पेश करता था और मेक्सिको की सरकार के समानांतर अपनी सत्ता चलाता



था.

A new wave of protests has erupted across Iran.


 

A new wave of protests has erupted in Tehran and other cities across Iran.

​Violent clashes have been reported between students and security forces at Tehran’s Sharif University of Technology and Amirkabir University of Technology. Direct confrontations took place between students and the pro-government Basij militia, which is part of the IRGC.

​Protestors were heard chanting slogans such as "Death to the Dictator" and "Long live the King." These demonstrations were organized to commemorate the protestors killed during the violence in January 2026. Beyond Tehran, reports of unrest have also emerged from cities like Mashhad and Abdanan.

​Government Response & Geopolitical Context

  • Internet Restrictions: The Iranian government has once again imposed internet shutdowns in several areas to regain control of the situation.
  • Containment: The IRGC and security forces have been deployed outside university campuses to prevent the protests from spreading into the streets.
  • International Tension: This domestic unrest comes at a time of peak tension between the United States and Iran. There is a heavy U.S. military presence in the region, and President Donald Trump has maintained a hardline stance regarding the nuclear deal.

फोन हैकिंग का खतरा, बड़े लोगों का डाटा चोरी होने की संभावना


 दुनिया घोर #असुरक्षा के दौर से गुजर रही है.

#जासूसी होने और आपकी पर्सनल और बिजनेस डिटेल्स के #हैक हो जाने का खतरा कितना विकराल हो चुका है, इसका अंदाजा आप #Israel के प्रधानमंत्री #Netanyahu के मोबाइल फोन के कैमरे पर लगे टेप से लगा सकते हैं. दुनिया भर में कई लोग इसे किसी रहस्यमयी साजिश के रूप में भी देखते है.

लेकिन इसका जवाब #डर से ज्यादा #सावधानी है.


सिर्फ #नेतन्याहू ही नहीं बल्कि दुनिया के कई ताकतवर नेता और सुरक्षा विशेषज्ञ ऐसा ही कर रहे हैं.

#हैकर्स बिना #यूजर को पता चले फोन या लैपटॉप का #कैमरा चालू कर सकते हैं.

कैमरा कवर करने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि यदि फोन हैक भी हो जाए, तो हमलावर को कोई #विजुअल फीड जैसे कमरे का नक्शा, मेज पर रखे दस्तावेज या नेता की लोकेशन नहीं मिलेगी.

जेम्स कोमी जो पूर्व #FBI डायरेक्टर हैं, उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वह अपने निजी लैपटॉप के कैमरे पर टेप लगाते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह देते हैं.

#Facebook CEO मार्क जुकरबर्ग की एक फोटो में उनके लैपटॉप के कैमरे और माइक जैक पर टेप लगा हुआ साफ देखा गया था.

इन शक्तिशाली लोगों के पास ऐसी गोपनीय जानकारी होती है जिसकी कीमत अरबों में होती है.

उनके लिए जोखिम का स्तर हमारे आपके तुलना में करोड़ों गुना ज्यादा होता है. यही वजह है कि वे "जीरो ट्रस्ट" पॉलिसी पर चलते हैं.

ईरान में फिर से विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत, छात्र सड़क पर उतरे


 

#Iran के #Tehran और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शनों का एक नया दौर शुरू हो गया है.
#तेहरान की #Sharif_University_of_Technology और #Amirkabir_University_of_Technology में छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं.
तेहरान में छात्रों और सरकार समर्थक #Basij मिलिशिया, जो #IRGC का हिस्सा हैं, के बीच सीधी भिड़ंत हुई है.
छात्र #Death_to_the_Dictator और #Long_live_the_King जैसे नारे लगा रहे थे.
यह प्रदर्शन जनवरी 2026 की हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारियों की याद में आयोजित किया गया था.
तेहरान के अलावा #Mashhad और #Abdanan जैसे शहरों से भी विरोध की खबरें हैं.

#ईरान सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई इलाकों में फिर से इंटरनेट प्रतिबंध लगाए हैं. #IRGC और सुरक्षा बलों को यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर तैनात किया गया है ताकि प्रदर्शनों को सड़क पर फैलने से रोका जा सके.
यह घरेलू अशांति ऐसे समय में हो रही है जब #America और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. अमेरिकी सेना की इस क्षेत्र में भारी तैनाती है,और राष्ट्रपति #DonaldTrump ने परमाणु समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है.

Saturday, 21 February 2026

राहुल गांधी तो कब से कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी टैरिफ पर कंप्रोमाइज्ड हैं!


 
प्रधान मंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं. लेकिन वे संयुक्त राज्य अमेरिका के उन लोगों की तुलना में बहुत अधिक चतुर थे जिनके वे खिलाफ थे.

वह भारत में हमें लूट रहे थे. इसलिए हमने भारत के साथ एक समझौता किया और अब हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं बल्कि वे हमें टैरिफ दे रहे हैं..:– #DonaldTrump 

भारत पर 18% टैरिफ लगवाकर नरेंद्र मोदी ने अमेरिका पर टैरिफ 0 कर दिया.


यही बात तो Rahul Gandhi कहते आ रहे हैं कि 

The #PM is #compromised.

His #betrayal now stands exposed.


He can’t #renegotiate. 

He will #surrender again.


जबकि ये ऐलान ट्रंप ने सितंबर 2020 में ही कर दिया था. जब वो अभी के टर्म के पहले #America के #President थे...


लेकिन 🍊 🍊 कि तो सिर्फ आरोप ही लगाने आता है क्योंकि ज़हनी तौर पर वो "खाली" हैं. ना तो उन्हें तथ्यों का कुछ पता होता है ना ही कोई तार्किक बात समझ में आती है...

जब डॉ मनमोहन सिंह थे तो भारत, अमेरिका को लूटता था. जब नरेंद्र मोदी हैं तो अमेरिका, भारत को लूट रहा है."


 "जब डॉ मनमोहन सिंह थे तो #भारत, अमेरिका को लूटता था. जब नरेंद्र मोदी हैं तो #अमेरिका, भारत को लूट रहा है."


ये जो #Trump कह रहे हैं न कि #भारत हमें "लूट" रहा था. ये स्वर्गीय प्रधानमंत्री #मनमोहन_सिंह की बात कर रहा है. जब भारत, डॉ मनमोहन सिंह के 2004 से 2014 के कार्यकाल में #America को 3 फीसदी से भी कम यानि महज 2.93% ही #Tarrif देता था. 

वो #टैरिफ आज मोदी जी की मेहरबानी से 18% और स्टील और एल्युमीनियम में 15% से 25% या उससे भी अधिक हो गए हैं…

डॉ मनमोहन सिंह द्वारा किए गए रणनीतिक सुधारों,बेहतर कूटनीतिक संबंधों और वैश्विक व्यापार नियमों के तहत ये #मुमकिन हुआ था.

और सबसे मजे की बात ये कि मनमोहन सिंह सरकार और अमेरिका के बीच कोई ऐसा औपचारिक व्यापार समझौता #FTA नहीं हुआ था जिसमें मोदी सरकार की तरह #टैरिफ की कोई "लिखित" शर्त हो.

यह 2.93% का आंकड़ा अमेरिका द्वारा 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' #MFN के तहत दी जाने वाली सामान्य दरों का परिणाम था.

भारत में #UPA वन और UPA टू मनमोहन सिंह की सरकार में विशेषकर 2008 की ऐतिहासिक भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर डील के बाद भारत अमेरिका के #GSP यानी Generalized System of Preferences कार्यक्रम का भी लाभार्थी था,जिससे कई भारतीय उत्पादों पर शून्य या बहुत कम ड्यूटी लगती थी.