2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में मिशिगन सीनेट सीट से अब्दुल एल-सईद की
जीत अमेरिकी राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पलों में से एक बन गई है.
इस जीत के साथ वह अमेरिकी इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं.
House of Representatives में पहले भी मुस्लिम सदस्य चुने गए हैं –जैसे कीथ एलिसन, इल्हान उमर, रशीदा तलीब, लेकिन Senate—जो अमेरिका का उच्च सदन है—वहां आज तक कोई मुस्लिम प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था.
मिस्र मूल के अमेरिकी अब्दुल एल-सईद का जन्म मिशिगन में हुआ.वह एक एपिडेमियोलॉजिस्ट और डॉक्टर हैं. मिशिगन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से Rhodes Scholar के रूप में पब्लिक हेल्थ में Ph.D. और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से M.D. की डिग्री हासिल कर चुके हैं.
सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी: महज 30 वर्ष की उम्र में वे Detroit शहर के स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी निदेशक बने, जहाँ उन्होंने पानी में सीसा (lead) और वायु प्रदूषण जैसे गंभीर जनस्वास्थ्य मुद्दों पर ऐतिहासिक काम किया.
सीनेट के मुख्य चुनाव से पहले, डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर हुए प्राइमरी चुनाव में उन्होंने पार्टी की पसंदीदा और मध्यमार्गी उम्मीदवार हेली स्टीवंस (Haley Stevens) को हराकर बड़ा उलटफेर किया था.
एल-सईद प्रोग्रेसिव गुट से आते हैं जिन्हें बर्नी सैंडर्स और 'द स्क्वाड' (AOC) का समर्थन हासिल रहा है। उन्होंने अपना अभियान बिना किसी कॉर्पोरेट PACs की फंडिंग के, सीधे आम जनता से मिले Grassroots Donations पर चलाया.
उनके अभियान का मुख्य फोकस सभी के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा , न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, पर्यावरण सुरक्षा और राजनीति में बड़े कॉरपोरेट्स के पैसे के असर को खत्म करना था.
मिशिगन की इस सीनेट सीट पर जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में बहुमत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के एजेंडे पर मजबूत विधायी ब्रेक लग गया है.
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