SERBIA 🚨 की राजनीति इस वक्त बेहद गर्म है. अगले हफ्ते ही वहां संसदीय चुनाव होने हैं.
और ऐसे गहमा गहमी के माहौल में, पिछले 2 साल से आंदोलन कर रहे छात्र, अब सड़क के विरोध-प्रदर्शनों से आगे बढ़कर सीधे चुनावी मैदान में उतर चुके हैं.
अब इन छात्रों ने 'स्टूडेंट List' के बैनर तले अपने 250 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है और वे मौजूदा सरकार को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
सर्बिया के विभिन्न दिशाओं से हजारों छात्र पैदल और अलग-अलग माध्यमों से मार्च करते हुए राजधानी BELGRADE पहुंच चुके हैं. छात्र अलग-अलग हिस्सों और राजधानी बेलग्रेड में रैलियां और कैंपेन कर रहे हैं, ताकि जनता का समर्थन हासिल किया जा सके.
चुनाव से ठीक पहले बेलग्रेड में होने वाली छात्रों की इस अंतिम विशाल रैली और प्रदर्शन में भारी जनसैलाब उमड़ रहा है, जिसे देश के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है.
सर्बिया में यह छात्र आंदोलन करीब दो साल पहले नवंबर 2024 में Novi Sad रेलवे स्टेशन की कंक्रीट की छत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के लिए सरकार की लापरवाही और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया गया, जिसके खिलाफ देश भर के छात्र सड़कों पर उतर आए. तब से देश के मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आंदोलनरत हैं.
छात्रों के आंदोलन को पूर्व यूगोस्लाविया राजवंश के प्रिंस फिलिप कारा और उनकी पत्नी प्रिंसेस दानिका का पूरा समर्थन प्राप्त है. प्रिंस फिलिप लगातार सर्बिया में लोकतांत्रिक सुधारों, कानून के शासन और पारदर्शिता के पक्षधर रहे हैं. उनका मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में संस्थाएं कमजोर हुई हैं और छात्र देश को भ्रष्टाचार मुक्त कराने के लिए लड़ रहे हैं.
यह पूरा घटनाक्रम सर्बियाई राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, जहां छात्र और आम नागरिक देश की सार्थक दिशा तय करने के लिए एकजुट हो चुके
हैं.