Ruby Arun

Saturday, 7 March 2026

क्या भारत सरकार #America की कठपुतली बन चुकी है?

 



क्या हम #अमेरिकी इशारे पर "नाच" रहे हैं? क्या हम भारतीयों का आत्मसम्मान, हमारे भारत की संप्रभुता
#DonaldTrump के रहमो करम की मोहताज बन कर रह गई है. क्या हम अमेरिका के गुलाम हैं जो #अमेरिका का ये ट्रेजरी सचिव #Scott_Bessent "डंका" बजा कर दावा कर रहा है कि "इंडियंस #Good_Actors हैं.
Scott Bessent ने #Fox_Business के होस्ट #Larry_Kudlow से एक इंटरव्यू में कहा कि इस जाड़े में हमने #India को स्वीकृत रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा था और उन्होंने ऐसा किया भी. वे इसे अमेरिकी तेल से बदलने वाले थे, लेकिन दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को कम करने के लिए, हमने उन्हें  30 दिनों तक रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दी है..

Thursday, 5 March 2026

How did this American anchor even dare to say this about the Prime Minister of India?

 #अमेरिकी ऐंकर #Ana_Kasparian  ने अपने शो #TheYoungTurks में #PMNarendraModi के संबंध में बेहद ही aggressive और  cynical टोन में controversial provocative metaphor का इस्तेमाल किया है.


"They suck the life out of this country... and now they’re looking to India."


"And looks like " Narendra Modi opening up his legs" to Israel. Congratulations."


#FatherLand #MotherLand 🤬


क्या अमेरिका, ईरान के साथ अपने जंग में भारत को भी घसीटना चाहता है!

 #अमेरिका का पिट्ठू बने रहने का घातक परिणाम देखिए कि #America अब मनमाने तरीके से भारत की सुरक्षा संवेदनशीलता को दरकिनार करके, अपनी जरूरत के हिसाब से भारत के समुद्री विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहा है और भारत की संप्रभुता को चुनौती दे रहा है.

एक अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत #IRISDena को श्रीलंका के तट के पास जो भारतीय जलक्षेत्र के काफी करीब है, 1 मार्च को टारपीडो से हमला कर डुबो दिया.जबकि यह ईरानी जहाज भारत द्वारा ही विशाखापत्तनम में आयोजित नौसैनिक अभ्यास #MILAN 2026,जो 19 से 27 फरवरी तक चला था, के समापन के बाद वापस लौट रहा था.इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया और कथित तौर पर 87 ईरानी नौसैनिकों की जान चली गई.

यह जहाज श्रीलंका के तट के पास, #Galle से लगभग 40 समुद्री मील की दूरी पर था. यह घटना भारतीय तटों और सुरक्षा घेरे के इतने करीब हुई कि इसने भारत की #Net_Security_Provider की छवि पर सवालिया निशान लगा दिया है.

ईरान का यह जहाज भारत का आधिकारिक मेहमान था. अभ्यास खत्म होने के तुरंत बाद उसे मार गिराना भारत के कूटनीतिक सम्मान को गहरा ठेस पहुँचाने जैसा है.

भारत ने इस घटना पर क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अपनी गहरी चिंता तो व्यक्त की है और इसे "मेजबानी और कूटनीतिक प्रोटोकॉल" का उल्लंघन भी माना है.

लेकिन भारत सरकार ने अमेरिका को कोई औपचारिक 'चेतावनी' नहीं दी है.


अमेरिकी नौसेना,अपनी परमाणु पनडुब्बियों #usswestvirginia #LosAngelesclass #Virginiaclass आदि को हिंद महासागर और भारत के रणनीतिक जलक्षेत्र में भारत को जानकारी दिए बिना उसके विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र के आसपास या भीतर संचालित कर रही है.

यह समुद्री क्षेत्र भारत का #EEZ है जहां से भारत का अधिकांश तेल आयात और समुद्री व्यापार होता है.

#IRAN और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दरम्यान यह स्थिति और भी विस्फोटक हो जाती है क्योंकि ऐसे में भारत दो देशों के युद्ध के बीच में फंस सकता है. 

हिंद महासागर के तटों पर सैन्य टकराव होने से भारत अनचाहे ही सही युद्ध में घसीटा जा सकता है. जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी का शांतिपूर्ण क्षेत्र भी युद्ध क्षेत्र में बदल सकता है. 

और यह कोई अपवाद जैसी बात नहीं है. 

याद कीजिए दिसंबर 2023 में, #MVKemPluto नाम का एक मालवाहक जहाज, जो कच्चा तेल लेकर भारत के मंगलौर आ रहा था, तब उस पर अरब सागर में ड्रोन हमला हुआ था.

यह हमला भारतीय तट वेरावल, गुजरात से मात्र 200 से 300 समुद्री मील की दूरी पर हुआ था.

अमेरिका ने दावा किया कि यह #Drone ईरान से लॉन्च किया गया था. हालांकि ईरान ने इससे इनकार कर दिया था. 

उस समय भी हिंद महासागर और भारत के रणनीतिक जलक्षेत्र के आसपास सक्रिय थीं.

लेकिन तब भी भारत सरकार ने "चुप्पी" साध रखी थी. अमेरिका की इस गैर रणनीतिक हरकत के खिलाफ सरकार ने अपनी नाराजगी भी नहीं जताई थी. 

#India_First की जगह #America_First को ही तरजीह दी गई थी.






Tuesday, 3 March 2026

खुद को #EpsteinFiles के खुलासे से बचाने के लिए पूरा देश संकट में!:– स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज


 चूंकि मोदी सरकार विदेश नीति और कूटनीति के मसले पर असफल साबित हुई है. 

चूंकि मोदी सरकार ने #IRAN के सर्वोच्च नेता #Khamenei की अमेरिका इजराइल द्वारा की गई नृशंस हत्या पर शोक संवेदना या निंदा का एक शब्द भी ज़बान से नहीं निकाला है. जबकि ईरान हमारे देश का दशकों पुराना शुभचिंतक और साथी रहा है.

लेकिन मौजूदा सरकार की कमजोरी और खामियों की वजह से आने वाले कुछ ही दिनों में हमारा देश गैस, ऊर्जा, तेल आदि के संकट से गुजरने वाला है. 

इस संकट का सीधा गहरा असर हमारी आपकी जेब और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है.

क्योंकि #ईरान ने #StraitOfHormuz बंद कर दिया है. वहां से सिर्फ #China और #Russia के जहाजों को ही गुजरने की छूट मिल रही है. भारतीय टैंकर वहां तट पर ही फंसे पड़े हैं.

भारत के लिए एक #Emergency_Scenario है. भारत सरकार इस स्थिति से कैसे निपटेगी, इसकी योजना तक तैयार नहीं.


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद कर दिए जाने से जो संकट सामने है उसका सीधा गणित आप इस तरह से समझिए:–

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हर $1 की बढ़ोतरी होने पर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में औसतन 50 से 60 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है.

यदि तेल $100 के पार बना रहता है, तो भारत में तेल की कीमतें ₹10-15 प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं, बशर्ते सरकार #Excise_Duty में कटौती न करे.


और आप जानते हैं कि जब डीजल महंगा होता है, तो उसका असर हर चीज पर पड़ता है. ट्रकों का किराया बढ़ने से फल, सब्जियां, अनाज और दूध जैसी बुनियादी चीजों की कीमतें बढ़ जाती हैं.


सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पंपों और ट्रैक्टरों का खर्च बढ़ने से किसानों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है.


भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है.

भारत अपनी कुल LPG –रसोई गैस का लगभग 50-60% इसी क्षेत्र खासकर #Qatar और #UAE से मंगवाता है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का मतलब है रसोई गैस की किल्लत और सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि.

इसके अलावा, प्राकृतिक गैस यानी #LNG की कमी से बिजली संयंत्रों और #Fertilizer फैक्ट्रियों का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है.


तेल खरीदने के लिए भारत को डॉलर की जरूरत होगी. तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ेगी जिससे रुपया और कमजोर होगा.

तेल आयात बिल बढ़ने से देश का व्यापार घटा बढ़ेगा. जिससे देश की अर्थव्यवस्था दबाव में आ जाती है.


चूंकि मोदी जी ने #Trump की फिराक में #Putin से रिश्ते कड़वे कर लिए हैं, तो भारत अगर रूस से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पाइप लाइन या समुद्री रास्ते से इस कमी को पुरा करने के लिए तेल मंगवाने की बात करता है, तो वो बात सुनी भी जाएगी, इसमें संदेह है.


सऊदी अरब और यूएई के पास ऐसी लाइनें हैं जो लाल सागर तक जाती हैं और हॉर्मूज की बायपास कर सकती हैं. पर इनकी क्षमता बेहद सीमित है.


हालांकि अपने देश में विशाखापत्तनम, मैंगलोर और पादुर में स्थित अपने भूमिगत तेल भंडार हैं. लेकिन ये भंडार युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति के लिए बनाए गए हैं. और यह कोई स्थाई समाधान भी नहीं है.

इराक और यूएई के बजाय नाइजीरिया, अंगोला और अमेरिका से कच्चे तेल का आयात बढ़ने के भी विकल्प हैं. लेकिन खर्च बहुत ज्यादा है.

सबसे बड़ी चुनौती रसोई गैस की है, क्योंकि भारत का 85% LPG इसी रास्ते से आता है और इसे रूस या अमेरिका से तुरंत बदलना आसान नहीं है.


तो कुल मिलाकर "मरना" आम जनता को ही है. जिसकी #EpsteinFiles में कोई भागीदारी ही नहीं.

पर जो "भागीदार" हैं वो इसी में राहत की सांस ले रहे हैं कि देश मुश्किलों से गुजरता है तो गुजरने दो, हमारी करतूतें तो छुपी रहेंगी. हमारी गद्दी बची रहेगी चाहे देश की जनता को भरपेट भोजन ना मिले....

Sunday, 1 March 2026

Now Dubai is no longer untouchable and safe Oasis–After Iran Drones Attacks


 The "glass house" of #Dubai is no longer a theoretical concern—it is a live crisis management zone...

#DXB–The world’s busiest international gateway is currently at a stand still.

The narrative of Dubai as an "untouchable" #Oasis is facing its most significant #challenge since the city's modern inception.

Dubai International #airport sustained damage to a concourse, and #ZayedInternationalAirport in #AbuDhabi reported a fatality from falling debris. 

For a city that is 30% dependent on tourism and logistics, a closed airspace is a direct hit to its heart.


In terms of "American Security Umbrella" For decades, the Gulf's "social contract" with the West was:– "We provide energy and investment; you provide a military shield that makes our glass towers safe"


Now "Umbrella is leaking"


Can even the most advanced Western tech handle a mass-saturation attack if #Iran decides to go "all in"?


Is the US willing to enter a full-scale war to protect a hotel or an airport, or is their protection limited to "active defense" only?

Sunday, 22 February 2026

Mexico on Edge, CJNG Leader El_Mencho Killed; Cartel Retaliates with Nationwide Chaos.





The Mexican Army has killed El Mencho, the billionaire leader of the CJNG cartel. He was once a police officer, then the world’s most wanted kingpin with an 83 crore ($15M) bounty on his head. Moments after the news broke, Jalisco and surrounding states turned into a war zone. Cartel members have set fire to banks, petrol pumps, and government buildings. The sky is black with smoke.

Terrifying footage shows passengers running for cover at Guadalajara airport terminals. Major international airlines have suspended flights as the cartel targets key infrastructure. 

Authorities have declared a 'Code Red.' All schools are CLOSED for Monday, Feb 23. Highways are blocked by burning vehicles. If you are in the region: Stay indoors. Do not travel.

El Mencho didn't just run a gang; he ran a private army. From shooting down military helicopters with RPGs to using weaponized drones, he ruled with a level of brutality rarely seen in modern history.

This is the biggest test yet for President Claudia Sheinbaum. As the cartel fights back, the world watches to see if Mexico can finally reclaim its streets from the cartels...

दुनिया के सबसे खूंखार ड्रग कार्टेल लीडर "एल मैचों" के मारे जाने के बाद मैक्सिको में उसके गुर्गों ने कोहराम मचा दिया

 दुनिया के सबसे अमीर,ताकतवर और खूंखार और 83 करोड़ रुपए के इनामी मेक्सिको के #Drug कार्टेल #CJNG के लीडर #El_Mencho को #Maxico की सेना ने मार गिराया है. जिसके बाद उसके कार्टेल ने मेक्सिको के जलिस्को सहित कई राज्यों में भयंकर आगजनी और हिंसा का तांडव शुरू कर दिया है.गोलियां चल रही हैं.सरकारी इमारतों,दुकानों,पेट्रोल पंपों, सरकारी बैंकों,एयरपोर्ट के पास आग लगा दी गई है. पूरा शहर धुवां धुवां हो चुका है. 'कोड रेड' और लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं.शहरों में बस और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह रोक दी गई हैं.कार्टेल ने बसों, ट्रकों और कारों को जलाकर मुख्य राजमार्गों को ब्लॉक कर दिया है.

सोमवार 23 फरवरी के लिए सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है.लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें.

हवाई अड्डों पर भी भारी अराजकता फैल गई है जिसके चलते कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. लोग अपनी जान बचाने के लिए टर्मिनल के अंदर भागते हुए दिख रहे हैं.

यह घटना मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती मानी जा रही है.

नेमेसियो ओसेगुएरा सरवेंटेस उर्फ "एल मेंचो" ने अपने कार्टेल को एक सेना की तरह तैयार किया था,जिसके पास खुद की मिसाइलें, बख्तरबंद गाड़ियाँ और ड्रोन हैं.

वह अपने दुश्मनों को बेहद बर्बर तरीके से सजा देने और उन हत्याओं के वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के लिए कुख्यात था.

एल मेंचो की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2015 में उसके गुर्गों ने एक सैन्य हेलीकॉप्टर को रॉकेट लॉन्चर से मार गिराया था. वह खुद को एक "योद्धा" की तरह पेश करता था और मेक्सिको की सरकार के समानांतर अपनी सत्ता चलाता



था.