खी खी खी खी– सरकार और सरकार से जुड़े लोगों की "आधिकारिक" भाषा बन गई है.
सवाल का जवाब ना पता हो तो–
खी खी..
सवाल का जवाब नहीं देना हो तो–
खी खी..
और खी खी के साथ कुछ भी उल जुलूल फिजूल की बात कह कर जिम्मेदारियों, जवाबदेहियों से बच निकलना...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव रहे,देश के सबसे शक्तिशाली नौकरशाहों में गिने जाने वाले और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का ही जवाब सुन लीजिए भगवान #श्रीराम के मंदिर के दान पात्र से हुई
सैकड़ों करोड़ रुपयों और गहनों की चोरी के सवाल पर... 😌
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