Ruby Arun

Monday, 29 June 2026

मोदी जी का सेशेल्स जाना जरूरी क्यों है!

 #Seychelles जरूरी क्यों है! 

आपको 2016 का #PanamaPapers लीक कांड याद है?

जिसमें भारत के करीब 500 से अधिक बड़े उद्योगपतियों, मशहूर हस्तियों और राजनेताओं के नाम शामिल थे–जिन्होंने मशहूर लॉ फर्म मोसैक फोंसेका की मदद से सेशेल्स में ऑफशोर कंपनियां बनाई थीं ताकि वे अपने पैसे को भारत के टैक्स अधिकारियों की नजरों से छिपाकर वहां पार्क कर सकें.

इन्हीं में एक नाम,बहुत बड़े उद्योगपति के भाई का भी था. मोसैक फोंसेका लॉ फर्म के दस्तावेजों के जरिए इन "भाई साहब" के सेशेल्स, बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में फैले शेल कंपनियों के नेटवर्क का पहली बार बड़े पैमाने पर खुलासा हुआ था.

अभी भी इस मामले की जांच स्विट्जरलैंड का Swiss Federal Prosecutor's Office कर रहा है. 

"भाई साहब" और उनके कुछ विदेशी सहयोगियों से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों और शेल नेटवर्क की आपराधिक जांच हो रही है.

Seychelles से जुड़े "भाई साहब" के इस मामले की जांच स्विट्जरलैंड की सरकार द्वारा किए जाने के पीछे वजह ये है कि भाई साहब और उनके सहयोगियों और उनके सहयोगियों ने सेशेल्स, मॉरीशस और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स जैसी जगहों पर शेल कंपनियां तो बनाई थीं, लेकिन उन कंपनियों का पैसा स्विट्जरलैंड में स्थित निजी बैंकों जैसे 'Reyl & Cie' और इतालवी बैंक 'इंटेसा सैनपाओलो' की स्विस शाखाओं के खातों में पार्क या रूट किया जा रहा था.

 चूंकि अपराध के लिए स्विट्जरलैंड की धरती और वहां के बैंकों का इस्तेमाल हुआ, इसलिए वहां के कानूनों के तहत स्विस सरकार इस मामले की जांच करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है. 

स्विस कानून किसी भी विदेशी नागरिक को अपनी बैंकिंग प्रणाली का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या टैक्स चोरी के लिए करने की इजाजत नहीं देता, यही वजह है कि स्विट्जरलैंड की सरकार इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

यह मामला सिर्फ कागजी जांच तक सीमित नहीं है. स्विस अथॉरिटीज ने भाई साहब के कथित 'फ्रंटमैन' से जुड़े स्विस बैंक खातों में मौजूद 310 मिलियन डॉलर से अधिक की वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज कर रखा है.

जब किसी देश में इतनी बड़ी रकम जब्त होती है, तो उस देश की अदालतें और अभियोजक मामले की पूरी तह तक जाने के लिए Criminal Investigation शुरू कर देती हैं.

और इनवेस्टिगेशन के लिए जरूरी होते हैं दस्तावेज़ तथा सूचनाएं. जो इस मामले में मुहैया कराएगा #Seychelles .


भारत सरकार ने सेशेल्स को मुफ्त में 450 खरीद रुपए Seychelles को आर्थिक सहायता के नाम से गिफ्ट किया है. 1450 करोड़ रुपए का "अम्ब्रेला लोन" दिया है.

इसके अलावा सैकड़ों करोड़ के खाद्य और सामग्री सुरक्षा, रक्षा और समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य आदि से संबंधित वस्तुएं तोहफे में दी गई हैं.


सवाल तो बनता है कि क्या इस कूटनीतिक दरियादिली के पीछे सेशेल्स में मौजूद उन संवेदनशील वित्तीय दस्तावेजों और सूचनाओं का कोई कनेक्शन है, जिनकी जरूरत स्विस प्रोसीक्यूटर्स को है? 

क्या इस कूटनीति का असर चल रही जांचों पर पड़ सकता है? 

हालांकि मामला अभी अदालत में जांच के अधीन है और दोष साबित नहीं हुआ है और भाई साहब के समूह ने भी हमेशा ही इन सभी आरोपों से इन


कार किया है.





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